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छत्तीसगढ़ में 15 हजार शिक्षकों की पदोन्नति का रास्ता साफ, शिक्षा विभाग ने जारी की वरिष्ठता सूची

छत्तीसगढ़ में 15 हजार शिक्षकों की पदोन्नति का रास्ता साफ, शिक्षा विभाग ने जारी की वरिष्ठता सूची

 

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शिक्षा संभाग में लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे करीब 15 हजार शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। शिक्षा विभाग ने पदोन्नति प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए शिक्षकों की वरिष्ठता सूची जारी कर दी है। विभाग ने सूची को लेकर दावा-आपत्तियां आमंत्रित की हैं, ताकि पदोन्नति की प्रक्रिया में किसी प्रकार की त्रुटि या विवाद की स्थिति न बने।

 

25 अक्टूबर तक दर्ज करा सकेंगे दावा-आपत्ति

 

शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार, शिक्षकों की वरिष्ठता सूची एक अप्रैल 2026 की स्थिति के आधार पर जारी की गई है। जिला शिक्षा अधिकारियों को संभाग के सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) और प्राचार्यों के माध्यम से संबंधित शिक्षकों से दावा-आपत्तियां प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए 25 अक्टूबर तक की समय-सीमा निर्धारित की गई है।

 

विभाग ने 26 अक्टूबर तक प्राप्त दावा-आपत्तियों का निराकरण कर अंतिम वरिष्ठता सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं। सूची को संबंधित स्कूलों के सूचना पटल पर चस्पा करने के लिए भी कहा गया है, जिससे शिक्षक अपनी वरिष्ठता और अन्य विवरणों की जांच कर सकें।

 

इन संवर्गों के शिक्षकों को मिलेगा लाभ

 

जारी वरिष्ठता सूची में सहायक शिक्षक एलबी, नियमित संवर्ग और शिक्षक संवर्ग के शिक्षकों के नाम शामिल हैं। इसके आधार पर प्रशिक्षित स्नातक, स्नातकोत्तर उच्च वर्ग शिक्षक और प्रधान पाठकों की पदोन्नति प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।

 

इस पहल से लंबे समय से एक ही पद पर कार्यरत पात्र शिक्षकों को उच्च पद पर पदोन्नति मिलने की उम्मीद बढ़ी है। हालांकि, वरिष्ठता सूची जारी होना पदोन्नति का अंतिम आदेश नहीं है। अंतिम सूची और विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही पात्र शिक्षकों की पदोन्नति को लेकर आगे की कार्रवाई होगी।

 

वरिष्ठता सूची में गड़बड़ी रोकने के लिए सख्त निर्देश

 

शिक्षा विभाग ने वरिष्ठता सूची में किसी भी प्रकार की त्रुटि से बचने के लिए अधिकारियों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। सूची में मृत, सेवानिवृत्त या अन्य संभाग में स्थानांतरित हो चुके कर्मचारियों के नाम शामिल होने जैसी गलतियों को रोकने पर जोर दिया गया है।

 

दावा-आपत्ति प्रस्तुत करने वाले शिक्षकों को संबंधित दस्तावेजों के साथ सेवा पुस्तिका और नियुक्ति आदेश की प्रमाणित छायाप्रति जमा करनी होगी। संबंधित संस्था प्रमुखों को दस्तावेजों का मिलान कर सही जानकारी विभाग को भेजने की जिम्मेदारी दी गई है।

 

लापरवाही पर अधिकारियों की तय होगी जिम्मेदारी

 

विभाग ने स्पष्ट किया है कि वरिष्ठता सूची तैयार करने में लापरवाही या दस्तावेजों में गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। बीईओ और प्राचार्यों को सूची की जांच कर निर्धारित समय-सीमा में आवश्यक जानकारी जिला कार्यालय की स्थापना शाखा को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

 

मेरिट क्रम और स्थानांतरण का भी रखना होगा ध्यान

 

सीधी भर्ती के माध्यम से नियुक्त शिक्षकों की वरिष्ठता निर्धारित करने के लिए वर्ष 2019 से 2022 के बीच नियुक्त शिक्षकों का व्यापम मेरिट क्रम सूची में दर्ज करना अनिवार्य बताया गया है। वहीं, पारस्परिक या स्वैच्छिक स्थानांतरण के मामलों में संबंधित नियमों के अनुसार वरिष्ठता निर्धारित की जाएगी।

 

फिलहाल शिक्षा विभाग का जोर वरिष्ठता सूची में सभी त्रुटियों को दूर कर अंतिम सूची तैयार करने पर है। दावा-आपत्तियों के निराकरण के बाद पदोन्नति की आगामी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इससे बिलासपुर शिक्षा संभाग के हजारों शिक्षकों को पदोन्नति संबंधी निर्णय का इंतजार है।

 

 

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