छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह होंगे मुख्य अतिथि, ‘सुंदर, सुघ्घर और माओवाद मुक्त छत्तीसगढ़’ होगी थीम
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले राज्योत्सव 2026 को इस बार ‘सुंदर, सुघ्घर और माओवाद मुक्त छत्तीसगढ़’ की थीम पर भव्य रूप से मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के आमंत्रण पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। राज्योत्सव में प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, लोक कला और विकास की उपलब्धियों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा।
संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने राज्योत्सव की तैयारियों और आयोजन की रूपरेखा की जानकारी देते हुए बताया कि समारोह को आकर्षक और व्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। आयोजन स्थल पर आम नागरिकों की सुविधा, सुरक्षा और आवागमन को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
स्थानीय कलाकारों को मिलेगा प्राथमिकता से मंच
राज्योत्सव के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में छत्तीसगढ़ के स्थानीय कलाकारों और लोक नर्तकों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसका उद्देश्य प्रदेश की स्थानीय प्रतिभाओं को बड़ा मंच उपलब्ध कराना और छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है।
इसके साथ ही आम जनता और युवाओं की मांग को ध्यान में रखते हुए देश के तीन प्रसिद्ध बाहरी कलाकारों को भी आमंत्रित किया जाएगा। इससे समारोह में स्थानीय सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों की प्रस्तुतियां भी देखने को मिलेंगी।
राम वन गमन परिपथ के 31 स्थलों का होगा विकास
राज्य सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और प्रदेश की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के लिए राम वन गमन परिपथ के विकास पर भी विशेष ध्यान दे रही है। इसके तहत शोध और ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर चयनित 31 प्रमुख स्थलों का विकास तीन चरणों में किया जाएगा।
योजना के अनुसार, इन स्थलों का विकास अगले तीन वर्षों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। पर्यटन स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित करने के साथ पहले से निर्मित सुविधाओं का भी बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा।
मंत्री राजेश अग्रवाल के अनुसार, पिछली सरकार के समय अधूरे रह गए कार्यों को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। इस दौरान कोरिया जिले के सीतामढ़ी-हरचौका सहित अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
प्रथम चरण में इन धार्मिक स्थलों का होगा विकास
राम वन गमन परिपथ के प्रथम चरण में प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों को विकसित करने की योजना है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
– धमतरी: रुद्री स्थित रुद्रेश्वर महादेव मंदिर।
– सिहावा: शृंगी ऋषि-सप्तर्षि आश्रम।
– जांजगीर-चांपा: शिवरीनारायण-खरौद क्षेत्र।
– सुकमा: रामाराम और चिंतामित्र मंदिर।
– सरगुजा: ऐतिहासिक रामगढ़ और सीता बेंगरा।
– रायगढ़: प्राकृतिक तीर्थ रामझरना।
– कांकेर: रामपुर-जुनवानी स्थित विष्णु मंदिर।
– बस्तर: चित्रकोट शिव मंदिर।
– कोरिया: सीतामढ़ी-हरचौका।
इन स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आश्रय स्थल, सत्संग भवन और सीता रसोई जैसी सुविधाएं विकसित करने की भी योजना है।
संस्कृति और पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर
राज्योत्सव 2026 के माध्यम से राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान, स्थानीय कलाकारों की प्रतिभा और धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं को सामने लाने की तैयारी कर रही है। माओवाद मुक्त छत्तीसगढ़ की थीम के जरिए प्रदेश में शांति और विकास की दिशा को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा।
राज्योत्सव में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति को आयोजन का प्रमुख आकर्षण माना जा रहा है। वहीं, राम वन गमन परिपथ के 31 स्थलों के विकास की योजना से प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने और स्थानीय स्तर पर पर्यटन संबंधी सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद है।











