राजनांदगांव में साइबर ठगी: आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के खाते से 3.12 लाख रुपये पार, घर बनाने का सपना अधूरा
राजनांदगांव। मोहला-मानपुर जिले में साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है, जिसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुनीता निषाद के बैंक खाते से करीब 3 लाख 12 हजार रुपये निकाल लिए गए। यह रकम उन्होंने अपनी पुश्तैनी जमीन बेचकर घर बनाने के लिए जुटाई थी। साइबर ठगों ने कथित तौर पर एक APK फाइल के जरिए उनके मोबाइल का एक्सेस हासिल किया और इसके बाद खाते से रकम निकाल ली।
जमीन बेचकर जुटाई थी रकम
मोहला-मानपुर जिले के खड़गांव थाना क्षेत्र के ग्राम वाको की रहने वाली 52 वर्षीय सुनीता निषाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। उन्होंने अपना घर बनाने के लिए अपनी पुश्तैनी 75 डिसमिल जमीन बेचकर 3.12 लाख रुपये जुटाए थे। रकम बैंक खाते में जमा करने के बाद उन्होंने मकान का निर्माण भी शुरू कर दिया था। लेकिन साइबर ठगी के बाद घर का निर्माण अधूरा रह गया।
APK फाइल से मोबाइल का एक्सेस लेने का आरोप
जानकारी के मुताबिक सुनीता विभागीय काम और जानकारी साझा करने के लिए WhatsApp का इस्तेमाल करती थीं। इसी दौरान उनके मोबाइल पर एक APK फाइल भेजी गई। फाइल इंस्टॉल होने के बाद ठगों ने मोबाइल का एक्सेस हासिल कर लिया। इसके बाद 10 से 14 दिसंबर 2025 के बीच बैंक खाते से रकम निकाल ली गई।
परिचितों को मैसेज भेजकर हुआ शक
ठगी का खुलासा तब हुआ जब सुनीता के मोबाइल नंबर से उनके परिचितों को आर्थिक मदद मांगने वाले मैसेज जाने लगे। परिवार को इस पर संदेह हुआ। 10 जनवरी को बैंक खाते की जांच की गई तो पता चला कि खाते में 3.12 लाख रुपये की जगह सिर्फ 1.75 रुपये बचे थे।
जांच में सामने आया कि ठगों ने Paytm के जरिए UPI ID बनाकर कई ट्रांजेक्शन किए थे। परिवार के मुताबिक सुनीता के खाते का ATM कार्ड तक नहीं बनवाया गया था, इसके बावजूद मोबाइल का एक्सेस हासिल कर रकम निकाल ली गई।
पश्चिम बंगाल से तीन आरोपी गिरफ्तार
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने पश्चिम बंगाल से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें आदित्य रजक और कृष्णा चौधरी समेत अन्य आरोपी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी वर्ष 2023 से साइबर ठगी में सक्रिय थे।
14 राज्यों में 176 मामले सामने आए
पुलिस की जांच में आरोपियों से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ 14 राज्यों में 176 साइबर ठगी के मामले सामने आए हैं। इनके खातों में करीब 1.71 लाख लेन-देन का रिकॉर्ड भी मिला है। अकेले मोहला-मानपुर जिले में आरोपियों के खिलाफ 31 मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और पैसों के लेन-देन की कड़ियों की जांच कर रही है।
साइबर सुरक्षा सावधानी: किसी भी अनजान व्यक्ति से मिली APK फाइल को मोबाइल में इंस्टॉल न करें। बैंक, UPI या सरकारी विभाग के नाम पर भेजी गई संदिग्ध फाइल या लिंक को खोलने से पहले उसकी पुष्टि करना जरूरी है।










