रायपुर, 27 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ में भारतमाला परियोजना से जुड़े कथित मुआवजा घोटाले को लेकर सोमवार सुबह बड़ी जांच कार्रवाई सामने आई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की संयुक्त टीमों ने पूर्व मंत्री और कुरूद विधायक अजय चंद्राकर के करीबी रिश्तेदारों के ठिकानों पर दबिश दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, जांच टीम सुबह कुरूद स्थित भूपेंद्र चंद्राकर के निवास पहुंची। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और सीआरपीएफ के जवानों को तैनात कर घर के प्रवेश और निकास को सील कर दिया गया है। बाहरी लोगों के आने-जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
जांच एजेंसियों ने इस दौरान बैंकिंग रिकॉर्ड, जमीन के दस्तावेज, संपत्तियों से जुड़े कागजात और डिजिटल साक्ष्यों की बारीकी से जांच शुरू कर दी है। इसके अलावा पूर्व राइस मिल अध्यक्ष रोशन चंद्राकर के ठिकानों पर भी छापेमारी की जा रही है। अधिकारियों को कई अहम दस्तावेज मिलने की संभावना जताई जा रही है।
बताया जा रहा है कि यह पूरा मामला भारतमाला परियोजना के तहत अधिग्रहित जमीनों के मुआवजे में कथित गड़बड़ी और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है। इस मामले में EOW पहले ही एफआईआर दर्ज कर जांच कर रही थी, जिसके आधार पर अब ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से अपनी कार्रवाई तेज कर दी है।
इस छापेमारी के बाद छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। फिलहाल जांच एजेंसियां कार्रवाई पूरी होने तक आधिकारिक बयान देने से बच रही हैं।
भारत माला मुआवजा घोटाला: पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के करीबी ठिकानों पर ED की छापेमारी













