उफनती नदियां भी नहीं रोक पाईं हौसला, बस्तर में डोंगी से नदी पार कर स्कूल पहुंच रहे 24 शिक्षक
बस्तर। बारिश के मौसम में बस्तर के कई इलाकों में शिक्षकों और ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हालात ऐसे हैं कि शिक्षक जान जोखिम में डालकर उफनती नदियों को पार कर स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं। बस्तर क्षेत्र में 24 शिक्षक रोजाना डोंगी (छोटी नाव) के सहारे नदी पार कर अपने स्कूलों तक पहुंच रहे हैं।
बरसात के कारण नदी-नाले उफान पर हैं और कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से कट जाता है। इसके बावजूद शिक्षक बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए जोखिम उठाकर अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। कई शिक्षकों ने बताया कि तेज बहाव के बीच नदी पार करना डरावना होता है, लेकिन बच्चों के भविष्य को देखते हुए उन्हें यह कदम उठाना पड़ रहा है।
बस्तर संभाग के नारायणपुर, कांकेर, बीजापुर और सुकमा जैसे जिलों में बारिश के दिनों में पहुंचविहीन स्कूलों की समस्या सामने आती है। इन क्षेत्रों में आवागमन और नेटवर्क बड़ी चुनौती बने रहते हैं।
शिक्षकों की इस परेशानी ने एक बार फिर दुर्गम इलाकों में बेहतर सड़क, पुल और परिवहन व्यवस्था की जरूरत को उजागर किया है, ताकि शिक्षा व्यवस्था सुचारु रूप से चल सके।










