महासमुंद में वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश, जेल में बनी थी गैंग की नींव; बर्खास्त कांस्टेबल समेत 4 गिरफ्तार
रायपुर/महासमुंद। महासमुंद में पुलिस ने वाहन चोरी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में बर्खास्त पुलिस आरक्षक समेत चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक गिरोह की शुरुआत जेल में हुई थी, जहां अलग-अलग अपराधों में बंद आरोपितों के बीच पहचान बनी और जेल से बाहर आने के बाद वाहन चोरी का नेटवर्क खड़ा किया गया।
2016 में गांजा तस्करी के मामले में गया था जेल
पुलिस के अनुसार गिरोह में शामिल दिनेश कुमार टंडन (44) पहले पुलिस आरक्षक था। वर्ष 2016 में गांजा तस्करी के मामले में जेल जाने के बाद उसकी मुलाकात अलग-अलग मामलों में बंद आरोपितों से हुई। इसी दौरान वाहन चोरी के नेटवर्क की नींव रखी गई। जेल से बाहर आने के बाद आरोपितों ने चोरी की वारदातों को अंजाम देना शुरू किया।
गिरोह चोरी किए गए वाहनों के नंबर में बदलाव करता था और उनके फर्जी दस्तावेज तैयार कर दूसरे लोगों के माध्यम से वाहनों को बेचकर खपाता था। पुलिस के मुताबिक इन वाहनों का इस्तेमाल तस्करी सहित अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में भी किया जाता था।
चार आरोपित गिरफ्तार
रायपुर ग्रामीण एसपी श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा के अनुसार पुलिस ने मामले में:
साहिल राय (23) निवासी अमसेना, खरोरा, हाल धनसुली हाउसिंग बोर्ड, विधानसभा
संजीव दत्ता (27) निवासी आसमा कालोनी, उसलापुर, बिलासपुर
अमरजीत सिंह (48) उर्फ बंटी निवासी अमृतसर, हाल हीरापुर, कबीर नगर
दिनेश कुमार टंडन (44) निवासी भोरिंग, तुमगांव, महासमुंद
को गिरफ्तार किया है। आरोपितों की निशानदेही पर चोरी की इनोवा क्रिस्टा भी बरामद की गई है।
एक्टिवा बनवाने के बहाने पहुंचा और चुरा ले गया कार की चाबी
मामले का खुलासा विधानसभा थाना क्षेत्र के ग्राम दोदेखुर्द स्थित रुद्रांश मोटर गैरेज के बाहर से चोरी हुई इनोवा क्रिस्टा की जांच के दौरान हुआ। सीसीटीवी फुटेज में साहिल राय संदिग्ध नजर आया।
पूछताछ में साहिल ने पुलिस को बताया कि वह एक्टिवा बनवाने के बहाने गैरेज पहुंचा था। वहां किसी के मौजूद नहीं होने का फायदा उठाकर उसने इनोवा की चाबी उठा ली। इसके बाद 5 सितंबर की रात वह कार लेकर समोदा चला गया। रास्ते में टायर खराब होने पर उसने कार को मेला स्थल के पास मंदिर के नजदीक खड़ा किया और उसी में सो गया। सुबह कार लॉक कर वहां से चला गया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने कार और चाबी बरामद कर ली।
पूछताछ में कई वाहन चोरी का खुलासा
साहिल से पूछताछ के बाद पुलिस को संजीव दत्ता और अमरजीत सिंह की भूमिका के बारे में जानकारी मिली। पुलिस के अनुसार करीब एक साल पहले आंबेडकर अस्पताल के चीरघर के पास से बुलेट चोरी कर संजीव के जरिए अमरजीत को करीब 20 हजार रुपये में बेची गई थी।
इसके बाद उसी क्षेत्र से KTM बाइक चोरी करने की बात भी सामने आई। घड़ी चौक पार्किंग से बुलेट चोरी कर बेचने तथा आमासिवनी मेन रोड से चोरी की गई बुलेट को ओडिशा में एक परिचित के माध्यम से खपाने की जानकारी भी पुलिस को मिली है।
जेल में हुई थी आरोपितों की पहचान
पुलिस जांच में सामने आया कि दिनेश टंडन की जेल में अलग-अलग अपराधों में बंद आरोपितों से पहचान हुई थी। वहीं अमरजीत सिंह ने पूछताछ में बताया कि वह वर्ष 2005 में आमानाका थाना क्षेत्र के हत्या के मामले में जेल गया था और करीब 14 साल की सजा काट चुका है। इसी दौरान उसकी पहचान संजीव दत्ता से हुई थी।
ट्रैक्टर चोरी में भी सामने आई भूमिका
जांच के दौरान गिरोह की ट्रैक्टर चोरी में भी भूमिका सामने आई। पुलिस के मुताबिक करीब तीन महीने पहले धनसुली गांव के एक बाड़े से ट्रैक्टर चोरी किया गया था। इसे संजीव दत्ता के साथ अमरजीत उर्फ बंटी को बेचने की बात सामने आई है।
इसके करीब डेढ़ महीने बाद धनसुली स्थित ईंट-भट्ठे से दूसरा ट्रैक्टर चोरी किया गया। चोरी के बाद ट्रैक्टर को जोरा बाजार के पास खड़ा किया गया और बाद में उसे संजीव दत्ता के साथ दिनेश कुमार टंडन को सौंपे जाने की जानकारी पुलिस को मिली।
पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और चोरी किए गए वाहनों के नेटवर्क की भी जांच कर रही है।










