नगरीय निकाय चुनाव से पहले छत्तीसगढ़ कांग्रेस में हलचल तेज, 36 बागियों की वापसी पर मंथन; JCCJ के विलय की चर्चा
रायपुर। छत्तीसगढ़ में आगामी अक्टूबर-नवंबर में होने वाले 15 नगरीय निकाय चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस ने संगठन को मजबूत करने के लिए विधानसभा और नगरीय निकाय चुनाव के दौरान पार्टी से अलग हुए या निष्कासित किए गए नेताओं की वापसी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अनुशासन समिति की बैठक में ऐसे 36 नेताओं के आवेदनों पर विचार किया गया।
36 नेताओं की वापसी के आवेदनों पर चर्चा
रायपुर स्थित राजीव भवन में हुई कांग्रेस की अनुशासन समिति की बैठक में पार्टी से बाहर किए गए नेताओं और कार्यकर्ताओं की वापसी से जुड़े 36 मामलों की समीक्षा की गई। इनमें चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में कार्रवाई झेलने वाले नेता भी शामिल हैं। कुछ मामलों में राहत और वापसी का रास्ता साफ किया गया है, जबकि कई मामलों पर अभी अंतिम निर्णय बाकी है।
JCCJ के कांग्रेस में विलय की चर्चा
इसी बीच पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय अजीत जोगी द्वारा गठित जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के कांग्रेस में विलय को लेकर भी राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। पूर्व विधायक डॉ. रेणु जोगी और JCCJ प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी की ओर से कांग्रेस में विलय के लिए आवेदन दिए जाने की जानकारी सामने आई है। इस मामले पर अंतिम निर्णय कांग्रेस हाईकमान और प्रदेश संगठन के स्तर पर चर्चा के बाद लिया जाना है।
27 सितंबर को अहम बैठक
कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी सुखदेव भगत का 27 सितंबर को रायपुर दौरा प्रस्तावित है। उनके दौरे के दौरान प्रदेश पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक होगी। माना जा रहा है कि इस दौरान संगठन से जुड़े कई मुद्दों के साथ JCCJ के विलय के प्रस्ताव पर भी चर्चा हो सकती है।
कई प्रमुख नेताओं के नाम भी चर्चा में
पार्टी में वापसी के लिए आवेदन करने वालों में अमित जोगी और रेणु जोगी के अलावा पूर्व विधायक बृहस्पति सिंह का मामला भी शामिल है। बृहस्पति सिंह को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता टीएस सिंहदेव का राजनीतिक विरोधी माना जाता रहा है। कुछ अन्य नेताओं की भी कांग्रेस में वापसी को लेकर चर्चा चल रही है।
सार्वजनिक बयानबाजी पर नजर
कांग्रेस अनुशासन समिति पार्टी के खिलाफ सार्वजनिक बयानबाजी और गतिविधियों को लेकर भी सख्ती बरतने की तैयारी में है। पार्टी से जुड़े नेताओं की इंटरनेट मीडिया पोस्ट, सार्वजनिक बयान और चुनाव के दौरान संगठन के अधिकृत प्रत्याशियों या फैसलों के खिलाफ गतिविधियों पर नजर रखने की बात सामने आई है।
कांग्रेस ने कहा- अभी अंतिम फैसला नहीं
अनुशासन समिति के अध्यक्ष धनेंद्र साहू के अनुसार, JCCJ का मामला केवल किसी नेता की वापसी का नहीं, बल्कि पार्टी के विलय से जुड़ा विषय है। इसलिए इस पर नए प्रदेश प्रभारी के साथ चर्चा के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच कांग्रेस का फोकस आगामी नगरीय निकाय चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने और पार्टी से अलग हुए नेताओं के मामलों को सुलझाने पर दिखाई दे रहा है। हालांकि JCCJ के विलय और सभी 36 नेताओं की वापसी को लेकर अंतिम स्थिति संबंधित निर्णयों के बाद ही स्पष्ट होगी।










