
महासमुंद में 90 टन LPG घोटाला, 1.5 करोड़ की गैस टैंकरों से siphon कर बेची गई
महासमुंद (छत्तीसगढ़)। जिले में एलपीजी गैस की बड़े पैमाने पर हेराफेरी का मामला सामने आया है, जहां करीब 90 मीट्रिक टन गैस की कालाबाजारी का खुलासा हुआ है। इस गैस की अनुमानित कीमत लगभग 1 से 1.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, छह गैस से भरे टैंकरों से अवैध तरीके से गैस निकालकर उसे अलग-अलग स्थानों पर सप्लाई किया गया। यह पूरा खेल मार्च के अंतिम सप्ताह से लेकर अप्रैल की शुरुआत के बीच किया गया।
जांच में सामने आया कि टैंकरों में लगे GPS सिस्टम के डेटा से इस घोटाले का खुलासा हुआ। रिकॉर्ड की जांच में भी भारी गड़बड़ी पाई गई—जहां खरीद कम और बिक्री अधिक दिखाई गई, जिससे अवैध कारोबार की पुष्टि हुई।
पुलिस जांच में यह भी पता चला कि गैस को पहले प्लांट में खाली कर निजी टैंकरों के जरिए बिना बिल के सप्लाई किया जाता था। इस पूरे मामले में कंपनी प्रबंधन और कुछ अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है।
फिलहाल पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। मामले की गहन जांच की जा रही है और पूरे नेटवर्क का खुलासा करने की कोशिश की जा रही है।
इस घटना ने प्रशासनिक निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं और गैस वितरण प्रणाली में बड़े स्तर पर सुधार की जरूरत को उजागर किया है।










