रायपुर | 03 मई

छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच लंबे समय से चल रहे महानदी जल विवाद को सुलझाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। दोनों राज्यों ने आपसी सहमति से तैयार संयुक्त रिपोर्ट को महानदी जल विवाद ट्रिब्यूनल के समक्ष प्रस्तुत कर दिया है।
रिपोर्ट में महानदी बेसिन में जल उपलब्धता, प्रवाह और संग्रहण से जुड़े आंकड़े शामिल किए गए हैं, जिन्हें ट्रिब्यूनल के निर्देश पर तैयार किया गया था। दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों की मंजूरी के बाद यह रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।
ट्रिब्यूनल ने इस संयुक्त प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इससे विवाद के समाधान की दिशा में सकारात्मक पहल हुई है। साथ ही, दोनों राज्यों ने पहले ही आपसी सहमति से विवाद सुलझाने की इच्छा जताई है, जिससे जल्द समाधान की उम्मीद बढ़ी है।
गौरतलब है कि 20 अप्रैल को ट्रिब्यूनल ने दोनों राज्यों को अंतिम अवसर देते हुए संयुक्त रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा था। अब इस मामले की अगली सुनवाई 30 मई को निर्धारित की गई है, जिसमें जल बंटवारे को लेकर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।
यह विवाद कई वर्षों से जारी है और मुख्य रूप से महानदी के जल बंटवारे तथा ऊपरी और निचले हिस्सों में पानी के उपयोग को लेकर दोनों राज्यों के बीच मतभेद बना हुआ है।










