दनिया पुल पर उफनती नदी में बही कार, पांच दोस्तों की जान पर बनी आफत; पुलिस ने किया सुरक्षित रेस्क्यू
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई। मध्यप्रदेश के कान्हा-किसली घूमने जा रहे रायपुर और भिलाई के पांच दोस्तों की कार शनिवार देर रात खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (KCG) जिले के दनिया पुल पर उफनती नदी के तेज बहाव में बह गई। हादसा उस समय हुआ, जब पुलिस की ओर से पुल पार नहीं करने की चेतावनी के बावजूद कार को बाढ़ के पानी में आगे ले जाया गया। तेज बहाव के कारण कार पुल से बहकर नदी के बीच पहुंच गई।
पुलिस की चेतावनी के बाद भी आगे बढ़ाई कार
जानकारी के अनुसार, लगातार बारिश के चलते KCG जिले के नदी-नाले उफान पर हैं। दनिया पुल पर भी बाढ़ की स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया था। रात करीब 2:30 बजे रायपुर की ओर से एक स्विफ्ट डिजायर कार पुल पर पहुंची। पुलिस जवानों ने कार चालक को आगे नहीं जाने की चेतावनी दी।
इसके बावजूद चालक ने कार आगे बढ़ा दी और पुल पर लगाए गए स्टॉपर को टक्कर मारते हुए बाढ़ वाले हिस्से में प्रवेश कर गया। देखते ही देखते तेज बहाव ने कार को अपनी चपेट में ले लिया और कार सड़क से बहकर नदी के बीच फंस गई।
पेड़ का सहारा लेकर बचाई जान
कार के नदी के बीच फंसने के बाद उसमें सवार पांचों लोग घबरा गए। उन्होंने किसी तरह एक पेड़ का सहारा लिया और 112 पर कॉल कर पुलिस से मदद मांगी। सूचना मिलते ही गंडई थाना प्रभारी शिव शंकर गेदले पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
तेज बारिश, अंधेरा और नदी के तेज बहाव के बीच पुलिस टीम ने रेस्क्यू अभियान शुरू किया। पुलिसकर्मियों ने सावधानी से पांचों लोगों को एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाला।
अस्पताल में कराया गया प्राथमिक उपचार
रेस्क्यू के बाद सभी पांचों लोगों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, गंडई ले जाया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया। पुलिस के अनुसार सभी सुरक्षित हैं और किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। पुलिस की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया।
कान्हा घूमने निकले थे पांचों दोस्त
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि पांचों दोस्त कान्हा-किसली घूमने जा रहे थे। कार कुबेर साहू चला रहे थे। बचाए गए लोगों में कमलेश साहू (25), कुबेर साहू (25) और निहाल सक्सेना (21) रायपुर के गुढ़ियारी क्षेत्र के रहने वाले बताए गए हैं। वहीं महक कौर (21) भिलाई के कैंप-2 और प्रीति रात्रे (20) कैंप-1 रामनगर की रहने वाली हैं।
बाढ़ वाले रास्तों पर सावधानी की जरूरत
लगातार बारिश के कारण जिले के कई नदी-नाले उफान पर हैं। ऐसे में प्रशासन और पुलिस द्वारा लोगों से बाढ़ प्रभावित पुलों और सड़कों को पार नहीं करने की अपील की जा रही है। दनिया पुल की घटना भी बताती है कि तेज बहाव वाले रास्ते पर वाहन ले जाना जानलेवा साबित हो सकता है।










