छत्तीसगढ़ में 1 नवंबर से धान खरीदी शुरू करने की मांग, किसानों को 3358 रुपये प्रति क्विंटल देने की मांग उठाई
महासमुंद। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की तारीख और समर्थन मूल्य को लेकर सियासत तेज हो गई है। प्रदेश में अगेती किस्म के धान की कटाई शुरू हो चुकी है, लेकिन राज्य सरकार की ओर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तारीख की आधिकारिक घोषणा नहीं होने से किसान असमंजस में हैं। इसे देखते हुए कांग्रेस नेता आलोक चंद्राकर ने राज्य सरकार से 1 नवंबर से धान खरीदी शुरू करने और किसानों को 3358 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान करने की मांग की है।
धान खरीदी में देरी से किसानों को नुकसान की आशंका
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के संयुक्त महासचिव एवं जीव-जंतु कल्याण बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष आलोक चंद्राकर ने कहा कि प्रदेश में आधुनिक हार्वेस्टर मशीनों के माध्यम से धान की कटाई तेजी से हो रही है। वहीं, मध्यम और देर से पकने वाली किस्मों की कटाई भी अक्टूबर के अंत तक तेज होने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि अधिकांश किसानों के पास बड़ी मात्रा में धान सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त भंडारण व्यवस्था नहीं है। ऐसे में किसानों को अपनी उपज घरों और खलिहानों में खुले आसमान के नीचे रखनी पड़ रही है। यदि समय पर सरकारी खरीदी शुरू नहीं हुई, तो बेमौसम बारिश, चूहों और धान के सूखने के कारण किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
3358 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य देने की मांग
आलोक चंद्राकर ने राज्य सरकार से मांग की कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए 3358 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदा जाए। उन्होंने कहा कि इस वर्ष मौसम की मार और कीट-व्याधियों के कारण किसानों की खेती की लागत बढ़ी है। खाद, उर्वरक और कीटनाशकों पर अधिक खर्च होने से किसानों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के कई किसान साहूकारों और सहकारी बैंकों से लिए गए कर्ज के बोझ से जूझ रहे हैं। ऐसे में सरकार को किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए धान खरीदी की प्रक्रिया जल्द शुरू करनी चाहिए।
दीपावली से पहले खरीदी शुरू करने पर जोर
कांग्रेस नेता ने कहा कि दीपावली सहित अन्य प्रमुख त्योहार नजदीक हैं। यदि सरकार 1 नवंबर से धान खरीदी केंद्र शुरू कर समय पर भुगतान सुनिश्चित करती है, तो किसानों को आर्थिक राहत मिल सकती है। इससे वे अपने घरेलू खर्च और त्योहारों की जरूरतें पूरी कर सकेंगे। साथ ही, कर्ज के दबाव को कम करने में भी मदद मिलेगी।
पिछले वर्ष 14 नवंबर से शुरू हुई थी खरीदी
छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख धान उत्पादक राज्यों में शामिल है। पिछले खरीफ विपणन सत्र में राज्य में 14 नवंबर से धान खरीदी शुरू की गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले सत्र में प्रदेश के उपार्जन केंद्रों पर 25 लाख से अधिक किसानों से 145 लाख टन से ज्यादा धान की खरीदी की गई थी।
इस बार भी बड़ी संख्या में किसानों के पंजीयन और धान उत्पादन को देखते हुए खरीदी केंद्र समय पर शुरू करने की मांग उठ रही है। कांग्रेस नेता आलोक चंद्राकर ने सरकार से किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए 1 नवंबर से खरीदी शुरू करने, 3358 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदने और भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।











