बिलासपुर: सफाई मित्रों के परिवारों द्वारा बनाए गए फिनाइल और झाड़ू खरीदेंगे सरकारी कार्यालय, स्वरोजगार को मिलेगा बढ़ावा
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में सफाई कर्मचारियों और उनके परिवारों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक नई पहल की गई है। अब सरकारी कार्यालयों में सफाई मित्रों के परिजनों द्वारा तैयार किए जाने वाले फिनाइल, झाड़ू और स्वच्छता से जुड़े अन्य उत्पादों की सीधे खरीद को प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे सफाई कर्मचारियों के परिवारों को रोजगार का अवसर मिलेगा और उनकी आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
यह पहल राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष केशव बिहारी ने की है। कलेक्ट्रेट स्थित मंथन सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने नगर निगम, समाज कल्याण विभाग और अन्य संबंधित शासकीय एजेंसियों के कामकाज की समीक्षा की। इस दौरान सफाई कर्मचारियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा, सम्मान और उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति सुधारने पर विशेष जोर दिया गया।
बिचौलियों के बिना होगी उत्पादों की खरीद
बैठक में सफाई मित्रों के परिजनों को फिनाइल, झाड़ू और स्वच्छता किट जैसे उत्पाद तैयार करने के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए। इसके लिए परिवारों को आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
योजना के तहत सरकारी विभाग इन परिवारों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को सीधे खरीद सकेंगे। इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और उत्पाद बनाने वाले परिवारों को अपने सामान का उचित मूल्य प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इस पहल का उद्देश्य सफाई कर्मचारियों के परिवारों को स्वरोजगार से जोड़ना और उनके लिए आय का नियमित स्रोत तैयार करना है।
घर-घर जाकर किया जाएगा सर्वे
राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष ने सफाई कर्मचारियों के परिवारों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए घर-घर जाकर विस्तृत सर्वे कराने के निर्देश भी दिए। सर्वे के दौरान परिवारों की आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति के साथ पेयजल, भोजन तथा आयुष्मान कार्ड जैसी सुविधाओं की उपलब्धता की जानकारी जुटाई जाएगी।
सर्वे के आधार पर पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम स्वनिधि और उज्ज्वला योजना सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर जोर दिया गया। इसका उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।
सफाई कर्मचारियों के लिए बनेगा विश्राम स्थल
बैठक में सफाई कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों को बेहतर बनाने पर भी चर्चा हुई। सुबह की पहली पाली में काम करने के बाद कर्मचारियों को आराम करने के लिए उचित सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। इसके लिए उपयुक्त भवन चिन्हित कर सुविधायुक्त विश्राम स्थल विकसित करने की बात कही गई।
इसके अलावा सफाई कर्मचारियों के रिक्त पदों पर जल्द भर्ती करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया, ताकि कर्मचारियों पर काम का अतिरिक्त दबाव कम किया जा सके।
महिला सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा पर जोर
महिला सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा और सम्मान को लेकर भी अधिकारियों को निर्देश दिए गए। कार्यस्थल पर महिलाओं को भयमुक्त और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने तथा जाति या काम के आधार पर किसी भी प्रकार के भेदभाव को रोकने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
बैठक में नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे, अपर कलेक्टर वीरेंद्र बहादुर पचभाई सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
निष्कर्ष: बिलासपुर में शुरू की गई इस पहल का मुख्य उद्देश्य सफाई मित्रों के परिवारों को स्वरोजगार से जोड़ना, सरकारी खरीद के माध्यम से उनके उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराना और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करना है। इसके साथ ही सफाई कर्मचारियों के लिए बेहतर कार्य परिस्थितियां, विश्राम की सुविधा और सामाजिक सम्मान सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।











