छत्तीसगढ़ में हर दिन 11 लाख ग्रामीण श्रमिकों को मिल रहा रोजगार, महिलाओं की भागीदारी 57 प्रतिशत
रायपुर। छत्तीसगढ़ में ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए मनरेगा और जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को गति दी जा रही है। प्रदेश में प्रतिदिन करीब 11 लाख ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार मिल रहा है। इनमें महिलाओं की भागीदारी 57 प्रतिशत है।
प्रदेश में 24 अप्रैल 2025 से ‘मोर गांव-मोर पानी’ महाअभियान शुरू किया गया है। इसके माध्यम से गांवों में जल संरक्षण, जल संचयन और रोजगार से जुड़े कार्यों को बढ़ावा दिया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट को कम करने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाना है।
ग्रामीण श्रमिकों की बड़ी संख्या में भागीदारी से गांवों में चल रहे विकास कार्यों को भी गति मिल रही है। महिलाओं की 57 प्रतिशत हिस्सेदारी ग्रामीण रोजगार योजनाओं में उनकी सक्रिय भागीदारी को दर्शाती है।
सरकार की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के साथ-साथ जल संरक्षण और टिकाऊ ग्रामीण अधोसंरचना पर भी जोर दिया जा रहा है। इससे ग्रामीण परिवारों को स्थानीय स्तर पर काम मिलने के साथ गांवों में जल संसाधनों को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।










