गंभीर रूप से बीमार पिता से अलग होने का दबाव मानसिक प्रताड़ना, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का अहम फैसला
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने वैवाहिक विवाद से जुड़े एक मामले में अहम टिप्पणी करते हुए कहा है कि गंभीर रूप से बीमार पिता से अलग रहने के लिए पति पर दबाव बनाना मानसिक प्रताड़ना की श्रेणी में आ सकता है। कोर्ट ने वैवाहिक रिश्ते में पति की पारिवारिक जिम्मेदारियों और बुजुर्ग माता-पिता के प्रति दायित्व को भी महत्वपूर्ण माना।
मामला पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद से जुड़ा था। पति का पक्ष था कि उसके पिता गंभीर रूप से बीमार हैं और उनकी देखभाल के लिए उसका परिवार के साथ रहना जरूरी है। वहीं, पत्नी की ओर से पति पर परिवार से अलग रहने का दबाव बनाए जाने की बात सामने आई।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने माना कि पति को गंभीर रूप से बीमार पिता से अलग होने के लिए मजबूर करना परिस्थितियों के आधार पर मानसिक क्रूरता माना जा सकता है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि विवाह के बाद पति-पत्नी के अधिकारों के साथ-साथ पारिवारिक जिम्मेदारियों और परिस्थितियों को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
हाईकोर्ट के इस फैसले को वैवाहिक विवादों में पारिवारिक जिम्मेदारियों और मानसिक प्रताड़ना की व्याख्या के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।










