छत्तीसगढ़ में लकड़ी तस्करों का आतंक, सुरक्षाकर्मियों पर हमला; बाइक में लगाई आग, बस्तर में भी वनकर्मियों से मारपीट
सूरजपुर/बस्तर। छत्तीसगढ़ में अवैध लकड़ी कटाई और तस्करी का विरोध करने वाले सुरक्षाकर्मियों पर हमले की घटनाएं सामने आई हैं। सूरजपुर जिले के बिश्रामपुर में लकड़ी की अवैध कटाई रोकने पहुंचे त्रिपुरा स्टेट राइफल्स (टीएसआर) के जवानों और सुरक्षा कर्मियों के साथ मारपीट की गई। हमलावरों ने एक सुरक्षा कर्मी की मोटरसाइकिल में भी आग लगा दी। वहीं, बस्तर जिले के भानपुरी वन परिक्षेत्र में सागौन की लकड़ी की तस्करी रोकने पहुंचे वनकर्मियों पर भी हमला किए जाने की जानकारी सामने आई है।
अवैध कटाई रोकने पहुंचे जवानों पर हमला
जानकारी के अनुसार, बिश्रामपुर स्थित एसईसीएल के कोयला खदान क्षेत्र में 25 अक्टूबर की देर रात यूकेलिप्टस के पेड़ों की अवैध कटाई की जा रही थी। ड्यूटी पर तैनात टीएसआर के जवानों ने पेड़ काटने की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचकर लोगों को रोकने का प्रयास किया। आरोप है कि इस दौरान वहां मौजूद करीब 20 से 30 लोगों ने जवानों के साथ मारपीट शुरू कर दी।
घटना की जानकारी मिलने के बाद अधिकारियों को सूचना दी गई और अतिरिक्त सुरक्षा बल को मौके पर बुलाया गया। इसी दौरान एसईसीएल की पेट्रोलिंग टीम के सुरक्षा कर्मी मुन्नालाल और जेवियर मोटरसाइकिल से घटनास्थल की ओर जा रहे थे।
दो सुरक्षा कर्मी घायल, मोटरसाइकिल में लगाई आग
रिपोर्ट के अनुसार, आरोपितों ने चारपहिया वाहन से पेट्रोलिंग टीम का पीछा किया। एक्सकेवेशन वर्कशॉप से करीब दो किलोमीटर आगे दोनों सुरक्षा कर्मियों को रोककर उनके साथ मारपीट की गई। हमले में मुन्नालाल और जेवियर को गंभीर चोटें आईं। दोनों को उपचार के लिए एसईसीएल के केंद्रीय चिकित्सालय में भर्ती कराया गया।
मारपीट के दौरान सुरक्षा कर्मी जेवियर की पल्सर मोटरसाइकिल में आग लगा दी गई, जिससे बाइक पूरी तरह जलकर राख हो गई। घटना के बाद सुरक्षा अधिकारियों ने डायल 112 के माध्यम से पुलिस को सूचना दी।
पुलिस के पहुंचने पर फरार हुए आरोपित
सूचना मिलने पर पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस वाहन का सायरन सुनकर आरोपित मौके से फरार हो गए। इसके बाद घायल सुरक्षा कर्मियों को अस्पताल पहुंचाया गया।
एसईसीएल के क्षेत्रीय सुरक्षा अधिकारी एसएस रात्रे ने बिश्रामपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। थाना प्रभारी विकास देशमुख के अनुसार, सुरक्षा प्रभारी पवन शर्मा की रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपितों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपितों की पहचान कर उनकी तलाश कर रही है।
बस्तर में भी वनकर्मियों पर हमला
इसी तरह बस्तर जिले के भानपुरी वन परिक्षेत्र में सागौन की लकड़ी की तस्करी रोकने पहुंचे वनकर्मियों पर भी हमला किए जाने की जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि अवैध लकड़ी कटाई और तस्करी को रोकने के दौरान वनकर्मियों को निशाना बनाया गया। सागौन की लकड़ी की अवैध कटाई और परिवहन पर नियंत्रण वन विभाग के लिए लगातार चुनौती बना हुआ है।
वन संपदा की सुरक्षा पर उठे सवाल
छत्तीसगढ़ में लकड़ी तस्करी रोकने के दौरान सुरक्षाकर्मियों और वन कर्मचारियों पर हमले की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। सरकारी और सुरक्षा कर्मियों पर हमला करना कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है। ऐसे मामलों में आरोपितों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करना जरूरी है।
फिलहाल बिश्रामपुर की घटना में पुलिस जांच जारी है। आरोपितों की गिरफ्तारी और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी।











