बालोद में टैटू से खुला ब्लाइंड मर्डर का राज, प्रेमिका की हत्या के दोषी को उम्रकैद
बालोद। डौंडीलोहारा थाना क्षेत्र के गुरामी जंगल में मिले अज्ञात महिला के शव की पहचान और हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली। महिला के हाथ पर बना ‘K.K.’ टैटू पुलिस के लिए अहम सुराग साबित हुआ। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने मृतका की पहचान की और तकनीकी जांच के जरिए आरोपी तक पहुंची। मामले में अदालत ने आरोपी को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
जंगल में मिला था महिला का शव
गुरामी जंगल में एक महिला का शव मिलने की सूचना पर डौंडीलोहारा पुलिस मौके पर पहुंची थी। शव की पहचान तत्काल नहीं हो पाई थी। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। जांच के दौरान महिला के हाथ पर बना ‘K.K.’ टैटू पुलिस की नजर में आया।
इस टैटू को अहम सुराग मानकर पुलिस ने महिला की पहचान के लिए जांच शुरू की। पुलिस के प्रयासों के बाद मृतका की पहचान ग्राम पाररास निवासी कमला राजपूत के रूप में हुई।
सात साल से था प्रेम संबंध
जांच में सामने आया कि कमला राजपूत और नेमीचंद साहू के बीच करीब सात साल से प्रेम संबंध था। घटना के दिन दोनों गुरामी जंगल में मिले थे। वहां दोनों के बीच शादी और महिला के अन्य लोगों से फोन पर बातचीत को लेकर विवाद हुआ।
विवाद बढ़ने पर आरोपी ने महिला की गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद शव के सिर और चेहरे पर पत्थर से वार किया। आरोपी ने शव को जंगल में पत्थरों से ढक दिया और मौके से फरार हो गया।
तकनीकी जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस
महिला की पहचान होने के बाद पुलिस ने उसके संपर्क में रहने वाले लोगों की जानकारी जुटाई। पुलिस और साइबर सेल ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड समेत अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की। घटनास्थल से मिले भौतिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया गया।
जांच के दौरान पुलिस का संदेह नेमीचंद साहू पर गया। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की और मामले की विवेचना पूरी कर न्यायालय में चालान पेश किया।
अदालत ने सुनाई उम्रकैद की सजा
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मामले से जुड़े साक्ष्य और गवाह न्यायालय के सामने प्रस्तुत किए।
साक्ष्यों के आधार पर जिला एवं सत्र न्यायालय ने नेमीचंद साहू को हत्या का दोषी माना। अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
इस मामले में महिला के हाथ पर बना छोटा सा ‘K.K.’ टैटू ब्लाइंड मर्डर की जांच में महत्वपूर्ण सुराग बना। इसी सुराग से शुरू हुई जांच तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के जरिए आरोपी तक पहुंची और अंततः अदालत से उसे उम्रकैद की सजा मिली।










