चोरी की पल्सर की डुप्लीकेट चाबी बनवाने पहुंचे तीन दोस्त, दुकानदार के शक से खुला राज
कोरबा। महंगी स्पोर्ट्स बाइक चलाने का शौक तीन दोस्तों को चोरी के रास्ते पर ले गया। बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र से चोरी की गई पल्सर RS 200 की डुप्लीकेट चाबी बनवाने पहुंचे आरोपितों की एक गलती ने उन्हें पुलिस के हत्थे चढ़ा दिया। चाबी बनाने वाले दुकानदार को बाइक और युवकों की गतिविधियों पर संदेह हुआ। उसने चुपचाप डायल-112 को सूचना दे दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मुख्य आरोपित को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसके दो नाबालिग साथियों को भी पकड़ा गया।
दुकान के सामने खड़ी बाइक हुई चोरी
जानकारी के अनुसार बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र के कुदरीपारा नंबर-2 निवासी देव कुमार अहिरवार ने अपनी पल्सर RS 200 बाइक क्रमांक CG 12 BT 6722 को 5 सितंबर की रात करीब 10 बजे दुकान के सामने लॉक करके खड़ा किया था। अगले दिन सुबह करीब 7 बजे जब वह वहां पहुंचे तो बाइक गायब थी। इसके बाद उन्होंने बांकीमोंगरा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
चोरी के बाद डुप्लीकेट चाबी बनवाने पहुंचे
पुलिस जांच के दौरान पता चला कि चोरी की बाइक लेकर आरोपी कोरबा के टीपी नगर स्थित चाबी बनाने की दुकान पर पहुंचे थे। उनका उद्देश्य बाइक की डुप्लीकेट चाबी बनवाना था। लेकिन यहां उनकी योजना पर पानी फिर गया।
दरअसल, जिस बाइक की चाबी बनवाने आरोपी पहुंचे थे, उसके मालिक का रिश्तेदार ही चाबी बनाने की दुकान चलाता था। दुकानदार को बाइक और युवकों की गतिविधियों पर शक हुआ। उसने बिना आरोपियों को भनक लगे डायल-112 को सूचना दे दी।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पकड़ा
सूचना मिलते ही डायल-112 और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और युवकों को पकड़कर पूछताछ की। पूछताछ में मुख्य आरोपित की पहचान 19 वर्षीय मोनेन्द्र कुमार उर्फ मोनू, निवासी भिलाई बाजार, थाना हरदीबाजार के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार उसने अपने दो नाबालिग साथियों के साथ मिलकर बाइक चोरी करना स्वीकार किया।
पल्सर के साथ एक्टिवा भी चोरी
पूछताछ में आरोपितों ने केवल पल्सर ही नहीं, बल्कि कुसमुंडा क्षेत्र से एक्टिवा स्कूटी क्रमांक CG 12 BU 7208 चोरी करने की बात भी बताई। पुलिस ने आरोपितों की निशानदेही पर दोनों चोरी के वाहन बरामद कर लिए। वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है।
महंगी बाइक का था शौक
पुलिस पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि उन्हें महंगी स्पोर्ट्स बाइक चलाने का शौक था, लेकिन बाइक खरीदने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं थे। इसी शौक को पूरा करने के लिए उन्होंने चोरी की योजना बनाई। हालांकि चोरी के बाद उसी बाइक की डुप्लीकेट चाबी बनवाने की कोशिश उनके लिए भारी पड़ गई।
मुख्य आरोपित मोनेन्द्र कुमार को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। वहीं दोनों नाबालिग आरोपितों को किशोर न्याय बोर्ड, कोरबा के समक्ष पेश करने की कार्रवाई की जा रही है।
सार: चोरी की बाइक को चलाने के लिए डुप्लीकेट चाबी बनवाने पहुंचे तीनों युवकों को शायद अंदाजा नहीं था कि चाबी की दुकान ही उनके लिए पुलिस तक पहुंचने का रास्ता बन जाएगी। दुकानदार की सतर्कता से चोरी की दोनों गाड़ियां बरामद हुईं और आरोपित पुलिस की गिरफ्त में आ गए।










