45 हजार स्कूलों में सिर्फ 2,800 व्यायाम शिक्षक, बच्चों की फिटनेस के लिए 15 दिन की ट्रेनिंग का सहारा
रायपुर। छत्तीसगढ़ के 45 हजार से अधिक सरकारी स्कूलों में शारीरिक शिक्षा की स्थिति चिंताजनक है। प्रदेश में इन स्कूलों के लिए केवल करीब 2,800 व्यायाम शिक्षक उपलब्ध हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में स्कूलों में नियमित शारीरिक शिक्षा की व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
शिक्षकों की कमी दूर करने के बजाय फिलहाल 15 दिन की ट्रेनिंग के जरिए दूसरे शिक्षकों को शारीरिक शिक्षा से जुड़ी जिम्मेदारी देने का रास्ता अपनाया जा रहा है। इससे स्कूलों में बच्चों की खेल गतिविधियों और फिटनेस पर सवाल उठ रहे हैं।
जानकारों के अनुसार, शारीरिक शिक्षा केवल खेलकूद तक सीमित नहीं है। बच्चों के स्वास्थ्य, फिटनेस, अनुशासन और मानसिक विकास में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में प्रशिक्षित व्यायाम शिक्षकों की पर्याप्त संख्या होना जरूरी है।
प्रदेश के हजारों स्कूलों में विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी के बीच 15 दिन की ट्रेनिंग को स्थायी समाधान नहीं माना जा रहा है। जरूरत इस बात की है कि स्कूलों में पर्याप्त संख्या में नियमित और प्रशिक्षित शारीरिक शिक्षा शिक्षकों की भर्ती की जाए।










