माता-पिता की 14 लाख की जमा राशि पर सगे और सौतेले भाई का बराबर हक, कोर्ट ने सुनाया अहम फैसला
बिलासपुर में पारिवारिक संपत्ति से जुड़े एक अनोखे मामले में दो सगे भाइयों और एक सौतेले भाई ने अपने दिवंगत माता-पिता की करीब 14 लाख रुपये की जमा राशि पर अधिकार के लिए एकजुट होकर कानूनी लड़ाई लड़ी। लंबे समय तक चले विवाद के बाद अदालत ने तीनों भाइयों को समान रूप से उत्तराधिकारी मानते हुए राशि पर बराबर का हकदार घोषित किया।
मामला माता-पिता के बैंक खातों और राष्ट्रीय स्वर्ण बांड में जमा धनराशि से जुड़ा था। उत्तराधिकार को लेकर उत्पन्न कानूनी जटिलताओं के कारण राशि का वितरण नहीं हो पा रहा था। इसके बाद तीनों भाइयों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया और अपने अधिकार के समर्थन में दस्तावेज प्रस्तुत किए।
सुनवाई के दौरान अदालत ने पारिवारिक संबंधों और उपलब्ध दस्तावेजों का परीक्षण किया। न्यायालय ने माना कि सगे और सौतेले भाई होने के बावजूद तीनों का उत्तराधिकार पर समान अधिकार बनता है। इसके आधार पर अदालत ने जमा राशि को तीनों के बीच बराबर बांटने का आदेश दिया।
इस फैसले को उत्तराधिकार संबंधी मामलों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि अदालत ने स्पष्ट किया कि वैधानिक रूप से स्थापित पारिवारिक संबंधों के आधार पर सौतेले भाई भी संपत्ति और जमा धनराशि में समान हिस्सेदारी के हकदार हो सकते हैं।










