Home / छत्तीसगढ़/मध्यप्रदेश / 1735 करोड़ के निवेश से दल्लीराजहरा-रावघाट रेल कॉरिडोर तैयार, बीएसपी के लिए बनेगा कच्चे माल की नई जीवनरेखा

1735 करोड़ के निवेश से दल्लीराजहरा-रावघाट रेल कॉरिडोर तैयार, बीएसपी के लिए बनेगा कच्चे माल की नई जीवनरेखा

1735 करोड़ के निवेश से दल्लीराजहरा-रावघाट रेल कॉरिडोर तैयार, बीएसपी के लिए बनेगा कच्चे माल की नई जीवनरेखा

 

भिलाई। दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना अब सिर्फ रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने वाली योजना नहीं रह गई है, बल्कि यह भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के लिए भविष्य में लौह अयस्क की आपूर्ति सुनिश्चित करने वाली महत्वपूर्ण परियोजना बन गई है। करीब 95 किलोमीटर लंबे रेल कॉरिडोर पर सेल (SAIL) अब तक लगभग 1,735 करोड़ रुपये का निवेश कर चुका है।

 

दल्लीराजहरा के बाद रावघाट पर निर्भरता

 

भिलाई इस्पात संयंत्र को लंबे समय से दल्लीराजहरा की खदानों से लौह अयस्क मिलता रहा है। लगातार खनन के चलते वहां उच्च गुणवत्ता वाले अयस्क की उपलब्धता पर दबाव बढ़ रहा है। वहीं, बीएसपी की उत्पादन क्षमता बढ़ाने की योजनाओं के साथ भविष्य में लौह अयस्क की मांग भी बढ़ने की संभावना है।

 

ऐसे में रावघाट के लौह अयस्क भंडार को बीएसपी के लिए महत्वपूर्ण वैकल्पिक स्रोत माना जा रहा है। रावघाट तक रेल कनेक्टिविटी मिलने से वहां से अयस्क की ढुलाई को अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाया जा सकेगा।

 

दुर्गम इलाकों में हुआ रेल लाइन का निर्माण

 

95 किलोमीटर लंबी यह रेल लाइन पहाड़ी और वन क्षेत्रों से होकर गुजरती है। परियोजना के निर्माण के दौरान कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के साथ सुरक्षा संबंधी चुनौतियां भी सामने आईं। इसके बावजूद परियोजना पर काम आगे बढ़ाया गया।

 

केंद्र सरकार के अनुसार, दल्लीराजहरा-रावघाट खंड का निर्माण रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) द्वारा किया जा रहा है और इसे SAIL द्वारा वित्तपोषित किया जा रहा है।

 

58 वैगन की मालगाड़ी से हुआ तकनीकी परीक्षण

 

परियोजना में एक महत्वपूर्ण चरण 17 जून 2026 को पूरा हुआ, जब रावघाट रेल खंड पर 58 वैगन वाली बॉक्सएन मालगाड़ी से तकनीकी परीक्षण किया गया। परीक्षण का उद्देश्य ट्रैक, पुलों और अन्य ढांचागत व्यवस्थाओं की परिचालन क्षमता तथा सुरक्षा मानकों की जांच करना था।

 

इसके बाद स्टेशन भवन, यात्री सुविधाओं और सिग्नलिंग-टेलीकम्युनिकेशन से जुड़े अंतिम कार्यों को पूरा करने की प्रक्रिया आगे बढ़ी।

 

यात्री सुविधाओं को भी मिलेगा लाभ

 

दल्लीराजहरा से ताड़ोकी के बीच यात्री रेल सेवा वर्ष 2022 में शुरू हो चुकी है। इससे क्षेत्र के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और व्यापार के लिए आवागमन में सुविधा मिली है। रावघाट तक रेल सेवा के विस्तार से दूरस्थ क्षेत्रों की कनेक्टिविटी और बेहतर होने की उम्मीद है।

 

बीएसपी के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण

 

रावघाट से लौह अयस्क की आपूर्ति शुरू होने पर बीएसपी को अपने उत्पादन और विस्तार की जरूरतों के लिए कच्चे माल का एक महत्वपूर्ण स्रोत मिल सकता है। रेल मार्ग से अयस्क परिवहन होने पर सड़क परिवहन पर निर्भरता भी कम होगी।

 

इस परियोजना का प्रभाव केवल बीएसपी तक सीमित नहीं रहेगा। रेल लाइन के आसपास सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, बाजार और रोजगार जैसी सुविधाओं के विस्तार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों का भिलाई-दुर्ग और प्रदेश के अन्य हिस्सों से संपर्क मजबूत होगा।

 

परियोजना का व्यापक महत्व

 

दल्लीराजहरा-रावघाट रेल कॉरिडोर को बीएसपी की दीर्घकालिक कच्चे माल की जरूरत और क्षेत्रीय विकास—दोनों से जोड़कर देखा जा रहा है। रावघाट के लौह अयस्क संसाधनों को रेल नेटवर्क से जोड़ने के साथ यह परियोजना औद्योगिक परिवहन और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिए महत्वपूर्ण आधार तैयार कर रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

जाने आज का राशि फल