पुलिया बहने से तीन गांवों का संपर्क कटा, ग्रामीणों ने खुद बनाया अस्थायी रास्ता
नारायणपुर। जिले में लगातार बारिश के चलते एक पुलिया बह जाने से तीन गांवों का संपर्क मुख्य मार्ग से टूट गया है। आवागमन बाधित होने के बाद ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति ऐसी बनी कि लोगों ने प्रशासन की मदद का इंतजार करने के बजाय खुद ही अस्थायी रास्ता तैयार कर आवाजाही शुरू करने की कोशिश की।
बारिश के दौरान नदी-नालों में जलस्तर बढ़ने से पुलिया का हिस्सा बह गया। इसके कारण ग्रामीणों के लिए गांव से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। रोजमर्रा के जरूरी काम, बाजार आने-जाने और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
ग्रामीणों ने मिलकर बनाया अस्थायी रास्ता
संपर्क मार्ग टूटने के बाद ग्रामीणों ने आपस में मिलकर वैकल्पिक व्यवस्था तैयार की। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सामग्री और संसाधनों की मदद से पुलिया के स्थान पर अस्थायी क्रॉसिंग बनाई गई, ताकि पैदल लोगों की आवाजाही कुछ हद तक शुरू हो सके।
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में इस तरह रास्ता बाधित होने से सबसे ज्यादा परेशानी जरूरी कामों के लिए बाहर जाने वाले लोगों को होती है। वहीं, बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को भी आवागमन में कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है।
स्थायी समाधान की जरूरत
ग्रामीणों ने प्रशासन से क्षतिग्रस्त पुलिया की जल्द मरम्मत कराने और सुरक्षित आवागमन की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है। बारिश के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में पुल-पुलियों के बहने से संपर्क टूटने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। ऐसे में समय रहते मरम्मत और मजबूत निर्माण की आवश्यकता है।
नारायणपुर जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार जिले में बड़ी संख्या में गांव और दुर्गम ग्रामीण क्षेत्र हैं, जहां सड़क और आवागमन की सुविधा बेहद महत्वपूर्ण है।
**फिलहाल तीन गांवों के ग्रामीणों ने अपनी मेहनत से अस्थायी रास्ता तैयार कर आवागमन बहाल करने की कोशिश की है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए पुलिया की मरम्मत जरूरी है।**










