बिना सहमति लिए 1.41 करोड़ रुपये के लोन की रिकवरी पर हाई कोर्ट की रोक
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने बिना सहमति के लिए गए कथित फर्जी लोन की रिकवरी के मामले में बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने 1.41 करोड़ रुपये के लोन की वसूली पर रोक लगा दी है। मामला सिम्स की स्टाफ नर्स वर्षा बेक और आयुर्वेद कॉलेज से जुड़ा बताया गया है।
याचिका में आरोप लगाया गया था कि संबंधित व्यक्ति की सहमति के बिना उसके नाम पर लोन की प्रक्रिया की गई और बाद में उसकी रिकवरी शुरू कर दी गई। इस मामले में याचिकाकर्ता ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए राहत की मांग की थी।
मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने प्रथम दृष्टया मामले को गंभीर मानते हुए 1.41 करोड़ रुपये के लोन की रिकवरी पर रोक लगाने का आदेश दिया। कोर्ट के इस आदेश से संबंधित पक्ष को फिलहाल बड़ी राहत मिली है।
मामले में आगे की सुनवाई के दौरान लोन की प्रक्रिया, सहमति और कथित अनियमितताओं से जुड़े तथ्यों की जांच की जाएगी।










