वेरिफिकेशन में लापरवाही पर हाईकोर्ट सख्त, साइबर ठगी के आरोपी को छह सप्ताह की अंतरिम जमानत
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक साइबर ठगी के आरोपी को छह सप्ताह की अंतरिम जमानत प्रदान करते हुए राज्य शासन की ओर से प्रस्तुत वेरिफिकेशन प्रक्रिया में हुई ढिलाई पर नाराजगी जताई है। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि सत्यापन और आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही बरती गई, जिसके चलते आरोपी को अंतरिम राहत देनी पड़ी।
हाईकोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए एडवोकेट जनरल को निर्देश दिया कि भविष्य में शासन की ओर से दाखिल किए जाने वाले शपथ पत्रों और सत्यापन प्रक्रियाओं में इस तरह की चूक दोबारा न हो। अदालत ने स्पष्ट कहा कि न्यायिक प्रक्रिया में लापरवाही स्वीकार्य नहीं है और संबंधित अधिकारियों को आदेशों की गंभीरता समझनी चाहिए।
अदालत ने आरोपी को छह सप्ताह की अंतरिम जमानत देते हुए मामले की अगली सुनवाई तक आवश्यक शर्तों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। इस फैसले के साथ ही हाईकोर्ट ने प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने की जरूरत पर भी जोर दिया।










