शिक्षक युक्तियुक्तकरण मामले में हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, 45 दिन में अभ्यावेदन पर निर्णय लेने के निर्देश
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शिक्षक युक्तियुक्तकरण (रैशनलाइजेशन) नीति से प्रभावित एक शिक्षक के मामले में महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए संबंधित अधिकारियों को अभ्यावेदन पर 45 दिनों के भीतर निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा कि शिक्षक द्वारा प्रस्तुत आपत्तियों और तथ्यों पर नियमानुसार विचार किया जाए तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर उचित फैसला लिया जाए।
याचिकाकर्ता शिक्षक ने रैशनलाइजेशन प्रक्रिया के तहत की गई कार्रवाई को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान शिक्षक की ओर से दावा किया गया कि स्थानांतरण और पदस्थापना संबंधी प्रक्रिया में कई बिंदुओं पर नियमों का पालन नहीं किया गया तथा उनकी आपत्तियों पर उचित विचार नहीं हुआ।
मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने प्रत्यक्ष हस्तक्षेप करने के बजाय संबंधित सक्षम प्राधिकारी को निर्देश दिया कि शिक्षक के अभ्यावेदन पर सभी तथ्यों और नियमों के आधार पर विचार कर 45 दिनों के भीतर निर्णय लिया जाए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि निर्णय लेते समय प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों और लागू नीतियों का पालन किया जाए।
हाईकोर्ट के इस आदेश को रैशनलाइजेशन से जुड़े अन्य मामलों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि प्रदेश में शिक्षक युक्तियुक्तकरण को लेकर लगातार विवाद और न्यायालयीन चुनौतियां सामने आ रही हैं।










