छत्तीसगढ़ में देर से पहुंचेगा मानसून, जून में बढ़ेगी गर्मी और उमस; किसानों की चिंता बढ़ी
रायपुर। छत्तीसगढ़ में इस वर्ष मानसून की रफ्तार धीमी रहने के संकेत मिले हैं। मौसम विभाग के अनुसार एल नीनो के प्रभाव के चलते प्रदेश में मानसून सामान्य समय से देर से पहुंच सकता है और जून महीने में गर्मी, उमस तथा लू का असर बढ़ने की संभावना है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार बारिश सामान्य से कम रहने की आशंका है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। जून के शुरुआती दिनों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर रह सकता है तथा कई इलाकों में हीटवेव जैसी स्थिति देखने को मिल सकती है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देशभर में 2026 के मानसून को लेकर औसत से कम वर्षा का अनुमान जताया है। एल नीनो की स्थिति मजबूत होने से मानसून पर असर पड़ सकता है, जिससे खेती-किसानी और जल संसाधनों पर दबाव बढ़ने की आशंका है।
हालांकि मौसम विभाग ने उम्मीद जताई है कि जून के दूसरे सप्ताह तक मानसून की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। तब तक प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी, गरज-चमक और हल्की बारिश का दौर जारी रह सकता है, लेकिन गर्मी और उमस से तत्काल राहत मिलने की संभावना कम है।










