बिना दस्तावेज जांचे सरकारी भवन तोड़ने की अनुमति, सिटी मजिस्ट्रेट समेत आरोपी पर FIR दर्ज
बिलासपुर के नेहरू नगर क्षेत्र में सरकारी सामुदायिक भवन को निजी संपत्ति बताकर उसे तोड़ने की अनुमति देने का मामला सामने आया है। आरोप है कि सिटी मजिस्ट्रेट ने आवश्यक दस्तावेजों की जांच किए बिना भवन ध्वस्तीकरण की अनुमति जारी कर दी। मामले की जांच में सामने आया कि संबंधित भवन छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड की सार्वजनिक उपयोग की संपत्ति था।
प्रकरण उजागर होने के बाद पुलिस ने मामले में संबंधित आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि सरकारी भवन को निजी संपत्ति बताकर अनुमति कैसे प्राप्त की गई और इसमें किन अधिकारियों या अन्य व्यक्तियों की भूमिका रही।
प्रशासनिक स्तर पर भी मामले को गंभीरता से लिया गया है। दस्तावेजों की जांच किए बिना अनुमति जारी करने की प्रक्रिया और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच की जा रही है। मामले के सामने आने के बाद सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा और प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।










