बारनवापारा के देवपुर जंगल में दिखी दुर्लभ विशाल मलाबार गिलहरी
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बारनवापारा अभयारण्य के देवपुर जंगल में दुर्लभ विशाल मलाबार गिलहरी दिखाई देने से वन विभाग और वन्यजीव प्रेमियों में उत्साह का माहौल है। यह गिलहरी अपनी रंग-बिरंगी फर, लंबी पूंछ और पेड़ों पर तेज़ी से छलांग लगाने की क्षमता के लिए जानी जाती है।
जानकारों के अनुसार मलाबार जायंट स्क्विरल यानी इंडियन जायंट स्क्विरल भारत में पाई जाने वाली बेहद खास प्रजाति है, जो घने जंगलों और ऊंचे पेड़ों वाले क्षेत्रों में रहना पसंद करती है। इसकी मौजूदगी जंगल के स्वस्थ और सुरक्षित पर्यावरण का संकेत मानी जाती है।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि देवपुर क्षेत्र में इस दुर्लभ जीव की मौजूदगी जैव विविधता के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञों का मानना है कि बारनवापारा के जंगलों में वन्यजीव संरक्षण और हरित वातावरण के कारण ऐसे दुर्लभ जीवों का बसेरा बना हुआ है।
मलाबार गिलहरी आमतौर पर पेड़ों की ऊंची शाखाओं पर रहती है और बहुत कम जमीन पर उतरती है। यह फल, बीज और पेड़ों की छाल खाकर अपना जीवन यापन करती है। वन्यजीव विशेषज्ञों के मुताबिक यह प्रजाति जंगलों में बीज फैलाने का काम भी करती है, जिससे वन क्षेत्र का प्राकृतिक संतुलन बना रहता है।










