दिसंबर में छह एक्सप्रेस ट्रेनें रहेंगी रद्द, दक्षिण पूर्व रेलवे में नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य का असर
रायपुर। दक्षिण पूर्व रेलवे जोन में रेल पटरियों के आधुनिकीकरण, सुरक्षा और अधोसंरचना विकास से जुड़े कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में विभिन्न रेलखंडों में नॉन-इंटरलॉकिंग (NI) कार्य के कारण दिसंबर में छह लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन निर्धारित तिथियों पर रद्द रहेगा। इससे छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों के यात्रियों की यात्रा प्रभावित होगी।
रेलवे के अनुसार नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के दौरान ट्रैक, सिग्नलिंग और परिचालन व्यवस्था में तकनीकी बदलाव किए जाते हैं। इस दौरान संबंधित रेलखंड पर ट्रैफिक ब्लॉक लिया जाता है, जिसके चलते कुछ ट्रेनों को अस्थायी रूप से रद्द करना पड़ता है। रेलवे नेटवर्क को सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए यह कार्य किया जा रहा है।
इन छह ट्रेनों का परिचालन रहेगा रद्द
1. ट्रेन नंबर 17005 हैदराबाद-रक्सौल एक्सप्रेस
यह ट्रेन 10 दिसंबर 2026 को अपने प्रारंभिक स्टेशन से रवाना नहीं होगी।
2. ट्रेन नंबर 17006 रक्सौल-हैदराबाद एक्सप्रेस
यह ट्रेन 13 दिसंबर 2026 को रद्द रहेगी।
3. ट्रेन नंबर 17433 तिरुपति-रक्सौल एक्सप्रेस
यह ट्रेन 7 और 14 दिसंबर 2026 को नहीं चलेगी।
4. ट्रेन नंबर 17434 रक्सौल-तिरुपति एक्सप्रेस
इस ट्रेन का परिचालन 10 और 17 दिसंबर 2026 को रद्द रहेगा।
5. ट्रेन नंबर 17321 वास्को डी गामा-जसीडीह एक्सप्रेस
यह ट्रेन 11 दिसंबर 2026 को रद्द रहेगी।
6. ट्रेन नंबर 17322 जसीडीह-वास्को डी गामा एक्सप्रेस
इस ट्रेन का परिचालन 14 दिसंबर 2026 को पूरी तरह रद्द रहेगा।
कई राज्यों के यात्रियों पर पड़ेगा असर
इन ट्रेनों से बिहार, झारखंड, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, गोवा और अन्य क्षेत्रों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को प्रभावित तिथियों पर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। खासकर दिसंबर में यात्रा की योजना बना रहे यात्रियों को टिकट बुक करने से पहले संबंधित ट्रेन का संचालन सुनिश्चित कर लेना चाहिए।
यात्रा से पहले ट्रेन का स्टेटस जरूर जांचें
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी है कि स्टेशन के लिए रवाना होने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति जरूर जांच लें। इसके लिए रेलवे की 139 हेल्पलाइन या नेशनल ट्रेन इन्क्वायरी सिस्टम (NTES) की वेबसाइट और मोबाइल ऐप का इस्तेमाल किया जा सकता है।
रेलवे के इस फैसले का उद्देश्य नॉन-इंटरलॉकिंग और अधोसंरचना विकास कार्य को निर्धारित समय में पूरा करना तथा भविष्य में ट्रेनों के सुरक्षित संचालन को बेहतर बनाना है।










