शीर्षक: टोरा संग्रहण से बस्तर के ग्रामीणों को मिल रहा अतिरिक्त रोजगार, जंगलों में जुटे हजारों परिवार
कांकेर। बस्तर अंचल के वनांचल क्षेत्रों में इन दिनों टोरा (महुआ फल) संग्रहण का कार्य तेज़ी से चल रहा है। कांकेर जिले के दुर्गूकोंदल समेत आसपास के इलाकों में ग्रामीण महिलाएं, पुरुष और बच्चे सुबह से जंगलों में पहुंचकर टोरा एकत्र कर रहे हैं। इससे हजारों परिवारों को मौसमी रोजगार और अतिरिक्त आय का स्रोत मिल रहा है।
जानकारी के अनुसार, विवाह सीजन समाप्त होने के बाद ग्रामीण बड़ी संख्या में जंगलों का रुख कर रहे हैं। संग्रहित टोरा को स्थानीय बाजारों में बेचकर ग्रामीण अच्छी आमदनी अर्जित कर रहे हैं। वन उपज पर निर्भर परिवारों के लिए यह आय खेती और अन्य कार्यों के साथ आर्थिक सहारा बन रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि हर साल टोरा संग्रहण से उन्हें घर की आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलती है। बस्तर क्षेत्र में लघु वनोपज ग्रामीण अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी है और टोरा संग्रहण भी इसी का एक अहम हिस्सा माना जाता है।
वनांचल क्षेत्रों में इन दिनों सुबह से शाम तक टोरा बीनने वालों की चहल-पहल देखी जा रही है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़े हैं और ग्रामीणों की आय में भी वृद्धि हो रही है।










