छत्तीसगढ़ के पेंड्रा में 500 साल पुरानी हस्तलिखित ‘अथ श्रीमद्भागवत गीता’ समेत कई दुर्लभ पांडुलिपियां मिलने से क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। यह प्राचीन धरोहर राजा उपेन्द्र बहादुर सिंह और पुरानी बस्ती वार्ड क्रमांक-4 निवासी पंडित मोहन दत्त शर्मा के घर से मिली हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इन पांडुलिपियों की उम्र 200 से 500 वर्ष के बीच बताई जा रही है।
जानकारों के मुताबिक पांडुलिपियां धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण हैं। इनमें ‘अथ श्रीमद्भागवत गीता’ की हस्तलिखित प्रति विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। सूचना मिलने के बाद इतिहास और पुरातत्व से जुड़े विशेषज्ञ भी इन दस्तावेजों के अध्ययन में रुचि दिखा रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी दुर्लभ पांडुलिपियों का संरक्षण जरूरी है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भारतीय संस्कृति और परंपरा की इस अमूल्य धरोहर को जान सकें। प्रशासन स्तर पर भी इनके संरक्षण और जांच की प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात कही जा रही है।











