हसदेव नदी किनारे बढ़ता अतिक्रमण, हर साल बन रहे 600 नए मकान
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में हसदेव नदी के किनारे तेजी से अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है। स्थिति यह है कि नदी के आसपास हर साल करीब 600 नए मकान बनाए जा रहे हैं, जिससे नदी का अस्तित्व और पर्यावरण दोनों खतरे में पड़ते जा रहे हैं। प्रशासनिक रिपोर्टों में भी हसदेव नदी क्षेत्र में बढ़ते दबाव और प्रदूषण को गंभीर चिंता बताया गया है।
जानकारी के मुताबिक, नदी किनारे अवैध निर्माण लगातार फैल रहा है। कई इलाकों में बिना अनुमति के मकान और बस्तियां बसाई जा रही हैं। इससे नदी की प्राकृतिक जलधारा प्रभावित हो रही है और बारिश के समय बाढ़ का खतरा भी बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते अतिक्रमण नहीं रोका गया तो आने वाले वर्षों में हसदेव नदी का बड़ा हिस्सा संकरा हो सकता है। पर्यावरण पर असर के साथ-साथ जल प्रदूषण की समस्या भी गंभीर होती जा रही है।
स्थानीय प्रशासन ने अतिक्रमण रोकने और नदी क्षेत्र को सुरक्षित रखने के लिए कार्रवाई की बात कही है, लेकिन लगातार बढ़ते निर्माण प्रशासन के लिए चुनौती बने हुए हैं।










