फैमिली कोर्ट के अधिकार क्षेत्र को चुनौती देने वाले डॉक्टर पति की याचिका खारिज, हाईकोर्ट ने दिया बड़ा फैसला
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के अधिकार क्षेत्र को चुनौती देने वाले एक डॉक्टर की याचिका खारिज कर दी है। मामले में डॉक्टर पति ने दावा किया था कि विवाद की सुनवाई फैमिली कोर्ट में नहीं हो सकती, लेकिन हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए हस्तक्षेप से इनकार कर दिया।
मामला पति-पत्नी और उनकी संतान की वैधानिक स्थिति से जुड़े विवाद का है। डॉक्टर पति ने फैमिली कोर्ट के समक्ष चल रही कार्यवाही पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि यह मामला उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। हालांकि फैमिली कोर्ट ने उनकी आपत्ति खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि वैवाहिक स्थिति, पारिवारिक संबंधों और उनसे जुड़े अधिकारों के निर्धारण का अधिकार फैमिली कोर्ट को प्राप्त है। ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए फैमिली कोर्ट ही सक्षम मंच है और अन्य अदालतें इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकतीं।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि पारिवारिक और वैवाहिक विवादों के समाधान के लिए फैमिली कोर्ट अधिनियम बनाया गया है, इसलिए इस तरह के मामलों का निपटारा फैमिली कोर्ट में ही किया जाएगा। इसी आधार पर डॉक्टर पति की याचिका को निरस्त कर दिया गया।










