बचपन की गलियों में गूंजे राहगीर के सुर, राजनांदगांव के कव्य कुंभ में श्रोताओं का जीता दिल
राजनांदगांव में आयोजित कव्य कुंभ कार्यक्रम में प्रसिद्ध लोक गायक और कवि राहगीर ने अपनी प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अपने लोकप्रिय गीतों और कविताओं के माध्यम से युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक सभी को भावनात्मक रूप से जोड़ लिया।
राहगीर ने मंच से अपने बचपन की यादों, संघर्षों और संगीत के सफर से जुड़े अनुभव भी साझा किए। उनकी सादगी और लोक जीवन से जुड़े गीतों ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को खूब प्रभावित किया। प्रस्तुति के दौरान श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका स्वागत किया और कई बार गीतों में उनका साथ भी दिया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी, युवा और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। राहगीर की प्रस्तुति कव्य कुंभ का मुख्य आकर्षण रही, जिसने पूरे माहौल को संगीत और कविता के रंग में रंग दिया।










