राष्ट्रपति भवन में गूंजी बस्तर की संस्कृति, मांझी-चालकी बने राष्ट्रपति के विशेष अतिथि
जगदलपुर। बस्तर की समृद्ध आदिवासी संस्कृति और परंपरा की गूंज राष्ट्रपति भवन तक पहुंची। राष्ट्रपति भवन में आयोजित विशेष कार्यक्रम में बस्तर के पारंपरिक मांझी-चालकी को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया। इस दौरान राष्ट्रपति ने सभी अतिथियों का आत्मीय स्वागत करते हुए स्वयं उन्हें भोजन परोसा, जिससे बस्तर के प्रतिनिधियों के लिए यह पल बेहद सम्मानजनक और यादगार बन गया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति को बस्तर की लगभग 300 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक ‘झिटकू-मिटकी’ कलाकृति भेंट की। राष्ट्रपति ने बस्तर की सांस्कृतिक विरासत की सराहना करते हुए भविष्य में बस्तर आने की इच्छा भी जताई। इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे।
इस आयोजन को पूरे छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से बस्तर के लिए गौरव का क्षण माना जा रहा है। कार्यक्रम ने देश के सर्वोच्च संवैधानिक मंच पर बस्तर की संस्कृति, परंपरा और जनजातीय पहचान को नई प्रतिष्ठा दिलाई।










