
छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में 20% तक बढ़ोतरी की तैयारी, उपभोक्ताओं पर बढ़ेगा बोझ
छत्तीसगढ़ में बिजली उपभोक्ताओं को आने वाले समय में महंगाई का झटका लग सकता है। राज्य में बिजली दरों में करीब 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव सामने आया है। बताया जा रहा है कि यह प्रस्ताव बिजली कंपनियों की ओर से नियामक आयोग के समक्ष रखा गया है, जिस पर अंतिम फैसला लिया जाना बाकी है।
प्रस्ताव के अनुसार घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं की बिजली दरों में अलग-अलग श्रेणियों के अनुसार वृद्धि की जा सकती है। बिजली कंपनियों का तर्क है कि बढ़ती लागत, कोयले और बिजली खरीद की कीमतों में इजाफा तथा वितरण खर्च बढ़ने के कारण दरों में संशोधन जरूरी हो गया है।
यदि यह प्रस्ताव मंजूर होता है तो आम उपभोक्ताओं के बिजली बिल में सीधा असर दिखाई देगा। खासकर मध्यम वर्ग और छोटे व्यवसायों पर इसका अधिक प्रभाव पड़ने की आशंका है।
हालांकि अंतिम निर्णय राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा सार्वजनिक सुनवाई और आपत्तियों के बाद ही लिया जाएगा। इससे पहले भी राज्य में मामूली दर वृद्धि की गई थी, जहां औसतन करीब 1.89% तक टैरिफ बढ़ाया गया था।
ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए संतुलित निर्णय लिया जाएगा, ताकि बिजली कंपनियों की आर्थिक स्थिति भी सुधरे और आम जनता पर अत्यधिक बोझ न पड़े।











